नगर निगम का बड़ा अभियान: हरदासी खेड़ा में शासकीय भूमि से हटाया गया अवैध अतिक्रमण, करोड़ों की भूमि मुक्त
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प्रदेश जनहित खबर पोर्टल यूट्यूब चैनल लखनऊ रायबरेली
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
लखनऊ। सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने के अभियान के तहत नगर निगम लखनऊ द्वारा एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की गई। नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार के निर्देशन में बुधवार को अपर नगर आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत ग्राम हरदासी खेड़ा, तहसील सदर, जिला लखनऊ में शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने हेतु व्यापक कार्रवाई की गई।
इस अभियान का संचालन सहायक नगर आयुक्त/प्रभारी अधिकारी सम्पत्ति श्री रामेश्वर प्रसाद एवं तहसीलदार नगर निगम लखनऊ श्री अरविन्द पाण्डेय द्वारा उपलब्ध कराई गई संयुक्त टीम के माध्यम से किया गया। मौके पर प्रशासनिक टीम ने शासकीय अभिलेखों के आधार पर चिन्हित भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को अंजाम दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम हरदासी खेड़ा, तहसील सदर स्थित गाटा संख्या-294 (क्षेत्रफल 0.143 हेक्टेयर, ऊसर भूमि) तथा गाटा संख्या-44स (क्षेत्रफल 2.497 हेक्टेयर, चारागाह भूमि) नगर निगम के अभिलेखों में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हैं। इन भूमि खण्डों पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से बाउंड्रीवॉल, प्लॉटिंग एवं व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर नगर निगम की निहित शासकीय संपत्ति को क्षति पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा था।
नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुँचकर जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध निर्माण, बाउंड्रीवॉल और प्लॉटिंग संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में टीम का नेतृत्व नायब तहसीलदार नगर निगम श्री राजेन्द्र कुमार द्वारा किया गया। अभियान में नगर निगम के लेखपाल विनोद कुमार वर्मा, आलोक यादव, संजू मौर्या, तहसील सदर के लेखपाल श्री विमल सिंह, थाना-चिनहट पुलिस बल तथा नगर निगम प्रवर्तन दल (ईटीएफ फोर्स) की सक्रिय उपस्थिति और सहयोग रहा।
कार्रवाई के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा विरोध भी किया गया, लेकिन प्रशासन ने पूरी सतर्कता, संयम और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी गई और कार्यवाही पूरी पारदर्शिता के साथ की गई।
इस अभियान के परिणामस्वरूप लगभग 2000 वर्गमीटर बहुमूल्य शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये आँकी गई है। यह कार्रवाई नगर निगम की भूमि संरक्षण नीति और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की सख्त प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के अतिक्रमण विरोधी अभियान निरंतर जारी रहेंगे और किसी भी व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण किया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।