LUCKNOW / 13-04-2026

सांसद खेल महाकुंभ" का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया शुभारंभ उपस्थित रहे भाजपा नेता मंत्री एवं वरिष्ठ जन

Share this page:

Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Telegram Pinterest Email


प्रदेश जनहित खबर पोर्टल यूट्यूब चैनल लखनऊ रायबरेली 

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ 

लखनऊ स्थित के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित “सांसद खेल महाकुंभ” के भव्य शुभारंभ भारत सरकार रक्षामंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह ने रिमोट का बटन दबाकर शुभारंभ किया। 13 अप्रैल से प्रारंभ होकर 15 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा इसमें लखनऊ शहर के सभी विधानसभा के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। जिसमें 9 कैटेगरी में खेल प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, कबड्डी, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, बॉक्सिंग, ताइक्वांडो और कलारिपयटू शामिल है।

उद्घाटन से पहले लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह ने प्रतिभागियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी खुली जीप पर सवार हुए। इसके बाद सांसद राजनाथ सिंह के सामने प्रतिभागी बच्चों ने योगासन, ताइक्वांडो, कलारिपयटू के जरिये कौशल दिखाए।जब तलवार भांजी तो राजनाथ सिंह ने ताली बजाई।

 इस दौरान मंच पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, सांसद संजय सेठ, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व मंत्री एवं एमएलसी डॉ महेंद्र प्रताप सिंह, राज्यमंत्री गिरीश यादव, एलएमसी मुकेश शर्मा, राम चंद्र प्रधान, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक डॉ नीरज बोरा, ओ पी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ला मौजूद रहें।

*खिलाड़ियों, प्रशिक्षक, स्टेडियम श्रमिक एवं पत्रकार का किया सम्मान*

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने खिलाड़ियों में गजेंद्र सिंह, निहाल गुप्ता, अबू हुबेदा, बरखा सोनकर, अमीर अली शाहनजफ़, शारदानंद तिवारी, तनु श्री पाण्डेय, ओम यादव, मोहित यादव, प्रशिक्षक के सम्मान में रजनीश मिश्रा, विमल द्विवेदी, निशित दिक्षित, विमल प्रताप राय, कृपा शंकर वही श्रमिक कर्मचारी में लालचंद्र, आजाद, चंद्र शेखर, मनीराम, रियाजउद्दीन के साथ स्पोर्ट्स पत्रकार शरद दीप, अनुराग बाजपेई को अंग वस्त्र, प्रतीक चिन्ह के साथ पुरस्कार धनराशि देकर सम्मानित किया।


रक्षा मंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष लखनऊ के इसी ऐतिहासिक केडी सिंह बाबू स्टेडियम में सांसद खेल महाकुंभ की शुरुआत हुई थी और इस साल इस प्रतियोगिता को बेहतर संस्करण आप सबके सामने है और यह सिलसिला आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि आगे भी जारी रहेगा ।

आप जानते हैं किसी भी देश या समाज के विकास का जो पैमाना होता है उसमें वहां पर जीडीपी के साथ-साथ देश के एथलीक का दुनिया भर के सपोर्ट इवेंट में कैसा परफॉर्मेंस होता है और स्पोर्ट जीडीपी कंट्रीब्यूशन पर भी यह निर्भर होता है यानी उसे देश की जीडीपी में स्पोर्ट्स का कितना बड़ा योगदान है यह भी एक बड़ा पैमाना होता है ।

 पिछले साल मैं ऑस्ट्रेलिया गया था वहां पर मैंने देखा कि खेलों के प्रति वहां के लोगों का इतना अधिक रुझान है कि वहां पर खेल उनके जिंदगी का हिस्सा है ऐसा नहीं कि सिर्फ क्रिकेट के खेल में अच्छे हैं वहां पर हर खेल के अच्छे खिलाड़ी आपको देखने को मिलेंगे जबकि वहां की आबादी ब मुश्किल 3 करोड़ है यानी लगभग दिल्ली की आबादी के बराबर, जब हम भारत में खेलों की बात करते हैं तो हम यह देख सकते हैं भारत में खेलों को कभी भी वह महत्व नहीं मिला जैसा कि मिलना चाहिए था इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है इस समाज में खेल और खिलाड़ियों के महत्व को न केवल समझा जाए बल्कि उन्हें आगे बढ़ने का भी पूरा अवसर दिया जाए ।

 भारत में पिछले 10, 12 वर्षों से खेलों को लेकर आप स्वयं महसूस करते होंगे एक माहौल में काफी बदलाव आया पहले हम केवल एक क्रिकेट और हॉकी खेलने वाले देश के रूप में सारी दुनिया में जाने जाते थे और जब बात ओलंपिक खेलों की आती थी तो मेडल टैली में अपना नाम तक दर्ज नहीं करा पाते थे लेकिन अब भारत के बड़े-बड़े स्पोर्टिंग इवेंट्स में अपनी एक अलग पहचान बनाने में हम सफल साबित हो रहे हैं

 हमारा लखनऊ शहर अपने स्पोर्टिंग कलर के लिए पहले के समय में भी जाना जाता था आजादी के बाद जब पहली बार नेशनल गेम का आयोजन किया गया तो 1948 में हमारे आपके इसी शहर में किया गया था। उसके बाद भी समय-समय पर यहां पर नेशनल और इंटरनेशनल स्पोर्टिंग इवेंट आयोजित होते रहे और अब यह सांसद खेल महाकुंभ भी लखनऊ के स्पोर्टिंग कैलेंडर में जुड़ चुका है इसके दो संस्करण हो चुके हैं। यह सिलसिला लगातार आगे भी बना रहे। 

पिछले 11 वर्षों में भारत में एक खेल का नया युग प्रारंभ हुआ है यह नया युग विश्व में भारत को सिर्फ एक बड़े खेल शक्ति बनाने भर का ही नहीं है बल्कि यह खेल के माध्यम से समाज के सशक्तिकरण का भी एक यह नया दौर है एक समय था जब हमारे देश में खेलों को लेकर एक उदासीनता का भाव सकता है स्पोर्ट भी एक करियर हो सकता है यह बहुत ही कम लोग सोचते थे न तो स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर उतना ध्यान दिया जाता था और ना ही खिलाड़ियों की जरूरत का ध्यान रखा जाता था जो लोग खेलने भी चाहते थे उनके लिए छोटे शहरों में भी इस स्पोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसा मिलना चाहिए वैसा नहीं मिलता था कई खिलाड़ियों की प्रतिभाएं इन आभावों के चलते दम तोड़ दिया करती थी।6

 प्रधानमंत्री से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व हमारी सरकार आज खेल और खिलाड़ियों से जुड़े इस समस्याओं का समाधान कर रही है अर्बन स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जो योजना थी उसमें पहले की सरकार ने 6 साल में सिर्फ 300 करोड रुपए खर्च किए जबकि खेलो इंडिया अभियान के तहत हमारी सरकार स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब करीब 5000 करोड रुपए खर्च कर चुकी है और बढ़ते हुए भारत इंफ्रा की वजह से ज्यादा खिलाड़ियों के लिए खेल से जुड़ना पहले की अपेक्षा आसान हो गया है

आज गांव के पास भी आधुनिक स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है देश के दूर-दूर में भी अब बेहतर मैदान आधुनिक स्टेडियम, आधुनिक ट्रेनिंग फैकल्टी बनाई जा रही है उत्तर प्रदेश में भी यहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भारत प्रोजेक्ट पर हजारों रुपए हजारों करोड रुपए खर्च कर रहे हैं लखनऊ में भी खेल सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है मगर मेरी इच्छा है कि लखनऊ में हर खेल की वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी बनकर तैयार हो।

लखनऊ में स्पोर्टिंग कल्चर को और अधिक विकसित करने के उद्देश्य से यह सांसद खेल महाकुंभ का आयोजन प्रारंभ किया गया है । इसमें हजारों की तादाद में पूरे लखनऊ संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से नौजवान बेटे बेटियों ने खूब खेल कूद में भाग लिया है इस तरह के आयोजन अन्य स्थानों पर भी देश में हो रहे हैं आज देश को इसके सुखद परिणाम भी मिल रहे हैं बीते वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है यह दिखाता है कि भारत के हमारे युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास आज भी कितना बुलंद है हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पोर्ट को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाता रहा है देश की पहली राष्ट्रीय खेल यूनिवर्सिटी के निर्माण से इसमें और मदद मिलेगी । अब राज्यों में भी इसको स्पोर्टएक्सप्लेगेशन हायर एजुकेशन के लिए भी प्रयास किया जा रहे हैं इसमें उत्तर प्रदेश बहुत ही प्रशंसनीय काम कर रहा है और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का उदाहरण हमारे सामने हैं ।

आज देश भर में 1000 खेलो इंडिया सेंटर के भी स्थापना की जा रही है करीब दो दर्जन सेंटर आफ एक्सीलेंस भी खोले गए हैं इन सेंटर पर प्रदर्शन को सुधारने के लिए ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट भी दिया जा रहा है खेलो इंडिया ने भारत के पारंपरिक खेलों की प्रतिष्ठा को भी पुनः स्थापित किया है गटका, मलखम, कलारीकट्टू और योगासन जैसी विभिन्न विधाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार स्कॉलरशिप भी दे रही है साथियों खेलो इंडिया प्रोग्राम से एक और उत्साह जनक परिणाम हमारी बेटियों की भागीदारी को लेकर भी आया है देश के अनेक शहरों में खेलो इंडिया वूमेंस लीग का आयोजन भी किया जा रहा है इनमें महिलाओं की भागीदारी काफी अधिक है ।
 युवा साथियों ने एक ऐसे समय में खेल के मैदान में कदम रखा है जबभारत अपनी आजादी का अमृत कॉल मना रहा है आपकी प्रतिभा भारत की प्रगति से जुड़ी हुई है कल को जब आप अपने खेलों में चैंपियन बनेंगे तो आपके ऊपर इस बात की जिम्मेदारी है यहां भारत को हर जगह देश चैंपियन बनाने में अपना योगदान करें। भारत के भविष्य नहीं विकसित भारत के अग्रदूत भी है ।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा- रक्षामंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं कि आपने लखनऊ जनपद में इतने बड़े खेल महाकुंभ का आगाज करके सभी युवाओं को एक प्रेरणा का केंद्र बनाने का काम किया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं होती हैं। हम सब जानते हैं कि खेलों के माध्यम से अपने शरीर को स्वस्थ बनाते हैं और मन को भी स्वस्थ बनाते हैं। उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़े ही उच्च पद पर तैनात किया जा रहा है उनको आगे बढ़ाया जा रहा है।

Tranding

© PRADESH JANHIT KHABAR. All Rights Reserved.