ज्ञानदान युगधर्म है जो सबको करना चाहिए।” -उमानन्द शर्मा
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मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत “गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज, बिजनौर रोड, निकट सीआरपीएफ कैम्प, लखनऊ, उ०प्र०” के पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 460वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। सुश्री चाँदनी शर्मा ने अपने सुखी, निरोगी जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु उपरोक्त संस्थान के केन्द्रीय पुस्तकालय में युगऋषि वाङ्मय साहित्य भेंट किया तथा संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी भेंट किया।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ज्ञानदान युगधर्म है जो सबको करना चाहिए।” श्रीमती उषा सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक (फार्मेकोलॉजी) डॉ० अमित किशोर श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखे तथा संस्थान की प्रधानाचार्या डॉ० रश्मि शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
वाङ्मय साहित्य स्थापना के इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह, श्रीमती उषा सिंह, श्रीमती सावित्री शर्मा और संस्थान के प्रबंधक श्री सोमिल कुशवाहा, बी०एड० की विभागाध्यक्ष डॉ० निधि वर्मा सहित अन्य संकाय सदस्य तथा छात्र-छात्रायें मौजूद रहे।